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II अपनी भाषा , अपना मंच II

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बचपन की यादें

बहुत दिनों की बात पुरानी याद आई सच के जैसी एक कहानी याद आई मां के साए भात की ख़ुशबू वाली शाम सौ – सौ किस्सों वाली नानी याद आई जंगल के बैताल, गुफा के आदमखोर परियों की आंखें नूरानी… Continue Reading →

बूंद

ये बूंदे कुछ-कुछ तुम जैसी हैं थोड़ी बावली तो थोड़ी मस्तानी सी कुछ सुकून तो कुछ बेचैनी भरी इस मुक्कमल से शहर में अधूरी सी हर कमी में थोड़ी-थोड़ी पूरी सी ये बूंदे कुछ-कुछ तुम जैसी हैं -चारू पांडेय

जीवन सत्य

एक शोर मौन लेता है जब हार मिली हो समर से, दुनिया से भी डरता है जो हुआ उपेक्षित घर से, झरने बन जाती आँखें पीड़ा डाले जब डेरा, हर ओर निशा है दिखती है दूर उदय को सवेरा, हैं… Continue Reading →

ज़िद्दी

बहुत ज़िद्दी हूँ मैं….. किसी किताब के सजिल्द आवरण की तरह…. जो संभाले रहता है,किताब के तमाम पन्नों को… उनके अपने कुल हुस्न के साथ…. किसी भी सूरत में,उन्हें होने नहीं देता बेपर्दा…. मुझे कतई नहीं लगता कि…. मैं मेरा… Continue Reading →

तुम्हारे जाने के बाद

हां, तुम्हारा मुझको जाना खल तो रहा है लेकिन अब किसी को खोने का डर नहीं होता हां, अब शामें बिताने को कोई साथ तो नहीं लेकिन खुद से ज्यादा अब कोई जरूरी भी नहीं होता फिल्में देखने अब अक्सर… Continue Reading →

अजनबी

पहचाने से शहर में कोई अजनबी मिला है मैंने कुछ बातें की है, उसने कुछ सुना है डर रहा हूं फिर से, कहीं गुम न हो जाऊं अजनबियों के बीच फिर से अजनबी न हो जाऊं लोगों से बातें करना… Continue Reading →

इल्जाम

मिली थी मैं तुम से कल मोहल्ले के चौराहे पे बात कल रात की थी गुम सुम बिल्कुल चुपचाप मैं निकाल आई नजरें बचाते हुए इल्म हुआ बरसों पहले न लग जाए इल्जाम कोई लौट आई मैं छुपते छुपाते देखते… Continue Reading →

नाम भी कोई पूछने की चीज़ है

काम पूछ लो,दाम पूछ लो,कहां से लाता हूँ राशन,वो दुकाँ पूछ लो,और कुछ न मिले तो,जबां पूछ लो,मिरे रहने का कुआं पूछ लो,ज़िंदा हूँ अब तक,मुफ़लिसी के बावज़ूद,कौन है मेहरबां पूछ लो,नबर्दे-इश्क़ में हारा जहाँ खुद को,वो गली, गुलिस्ताँ पूछ… Continue Reading →

बाशिंदा

सवाल है, क्या पसंदीदा मुझमें जवाब, मेरा अहं शर्मिंदा मुझमें… बस्ता था मुझमें, वो कबका छोड़ गया रहता है कोई और बाशिन्दा मुझमें.. बंद है, तक़दीर के दरवाजे फिर भी ख्वाइशों का है, इक लम्बा पुलिंदा मुझमें.. यूं तो बे-असर… Continue Reading →

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